Darshan

Sant Asaramji Bapu Darshan 10th June 2015


darshan

Sant Asaramji Bapu

मीडिया : बापू, आज तबियत ठीक लग रही है |
पूज्य बापूजी : हाँ, थोडा प्राणायाम अच्छी तरह से ….
मीडिया : आज जम्प मारा है बापू, बहुत दिन बाद |
पूज्य बापूजी : वो गाडियाँ आ गयी थीं, लोगों को तो दिखते नहीं थे, तो थोडा….
दूसरों की खुशी में अपनी खुशी है |

कर भला, हो भला |

मीडिया :जमानत की प्रयास हो रही है आपकी, हो नहीं पा रही है ?
पूज्य बापूजी : क्यों हो नहीं पा रही है, ऐसा किसने बोला आपको ?
मीडिया : खारिज हुई, तीन बार तो खारिज हुई |
पूज्य बापूजी : अरे, दसों बार खारिज हो जाती है लोगों, की, पचासों बार हो जाती है |
सत्य तो जय, होगा, होगा, होगा ही |
इससे भी भयंकर केस हुए |
मीडिया : बापूजी, जेल की खबरें छपी हैं की आप जेल के अंदर मोबाइल…
आप इस्तेमाल करते हैं बापू ?
पूज्य बापूजी :अरे, हमारे पास तो मोबाइल की फैक्ट्री है |
मीडिया : आज ख़बरें छपी है तो आप जेल में मोबाइल रखते हैं….
पूज्य बापूजी : २० महीने में एक तिनका भी अनऑफिशियल मिला हो तो , मैं जो चाहे वो जुर्माना दूंगा |
हमारा जीवन जेल के सारे अधिकारी जानते हैं |

Standard
Darshan

Asaramji Bapu Darshan 8th June 2015 & Important Message


आसारामजी बापू दर्शन ८ जून २०१५

Asaramji Bapu Darshan 8th June & Message

पूज्य बापूजी के मंगलमय दर्शन और सन्देश – 8 जून 2015


💥मीडिया : बापू, कल जमानत याचिका पर सुनवाई है, सुब्रमण्यम स्वामीजी…

पूज्य बापूजी : अरे, जो होगा, अच्छा होगा, इश्वर के हवाले रखो, तुम काहेको टेंशन लेते हो |

हम टेंशन नहीं पालते, तुम काहेको पालते हो | जो हुआ, अच्छा हुआ, जो हो रहा है, अच्छा है, जो होगा वो भी अच्छा ही होगा |

💥मीडिया : वो तो ठीक है, आपको क्या लगता है सुब्रमण्यम स्वामी आयेंगे की नहीं आयेंगे ?

पूज्य बापूजी : जो लगे, काहेकी फिकर करो, फिकर फेंक कुएँ में, जो होगा देखा जाएगा |


पूज्य बापूजी : आप काटा-काटी नहीं करो तो मैं बोलूँ ?

थोड़ी तबियत ऐसी हो गयी है | भांजे को २-३ अटैक आए, चले गए | मेरे बेटे की माँ को २ अटैक आये हैं |

वो तो तसल्ली दें, भगवान ठीक करेगा |

और जो लोग अफवाह फैलाते हैं, सुब्रमण्यम स्वामी के प्रति अथवा अर्जुन के प्रति, आश्रमवासियों के प्रति, मैं हाथ जोड़ता हूँ, मेरा कोई बुराई नहीं चाहता | किसी पर कलंक ना लगे, बस |

💥मीडिया : सुब्रमण्यम स्वामी आयेंगे ?

पूज्य बापूजी : आयें ना आयें, उनपे कलंक नहीं लगे | आश्रमवासियों पर भी कलंक ना लगे |

💥मीडिया : कौन लगा रहा है कलंक ?

पूज्य बापूजी : लोग लगा रहे हैं की आश्रमवासी नहीं चाहते कि बापू बाहर आयें | ऐसा नहीं है |

मेरी ४००-५०० बेटियाँ हैं | सब वफादार हैं | मेरे शरीर की बेटी तो बाद में खायेगी, मेरी मानसिक बेटी पहले खायेगी | मेरा शरीर का बेटा बाद में खायेगा | मेरे आश्रम के बेटे पहले खायेंगे | मेरा वचन है, ऐसा ही होता रहेगा |

मैं ठीक हो जाऊँगा |

💥मीडिया : लीला कब तक पूरी हो जायेगी ?

पूज्य बापूजी : लीला हो ना हो, आत्मा अमर है….

💥मीडिया : बापू, आपके समर्थन में लोगों ने १ लाख ट्वीट्स किये हैं |

पूज्य बापूजी : मेरे समर्थन में १ लाख, जिन्होंने किया है, उनको भी धन्यवाद है |

तबियत का क्या है, ठीक हो जाऊँगा | फिर आऊँगा, मिलूँगा |

💥मीडिया : बापू, आप मानते हैं साजिश हुई है आपके खिलाफ, कौन लोग हैं ?

पूज्य बापूजी : जो भी है, उनका भला हो | मैं उनका नाम लेकर उनके ऊपर मुसीबत करूँगा ? मेरा बस नहीं हैं |

💥मीडिया : आपके मन की बात बताइये ?

पूज्य बापूजी : मैं जब आ रहा था ना, तभी भी बोला की वो बच्ची तो मेरी बेटी है, पोती है, दोती है, उनको, उनके परिवार को कोई तकलीफ करेगा तो मैं अन्न-जल छोड़ दूंगा | जो भी साजिश करते हैं, भगवान उनका भला करे |

💥मीडिया : आँखों में आँसू क्यों हैं, बापू ? आप रो क्यों रहे हो ?

पूज्य बापूजी : भाव होता है ना | आखिर मनुष्य का दिल है ना, पत्थर तो नहीं है ना, बेटे | इश्वर के लिए भी रोये थे | इश्वर के प्यारों के प्रेम में भी तो आँखें बह जाती हैं, ना | आँसू दुःख के नहीं हैं, भाव के हैं, पीड़ा के नहीं हैं | पीड़ा तो आती-जाती है | ये है ना….

अब तो जेल की रोटी भी बढ़िया होने लगी है | जब खाना भोजन बढ़िया हो गया तो बोले बापू जाओ |

आटा खूंट गया है क्या जेल में ?

व्यवस्था बहुत अच्छी है | जेल प्रशासन को धन्यवाद है | पुलिस को भी धन्यवाद है | आपको भी धन्यवाद है |

१ लाख लोगों ने मेरे समर्थन में ट्वीट किया, क्या ?

💥मीडिया : आपके फेवर में की बापू को बाहर बाहर आने चाहिए |

पूज्य बापूजी : अभी भी बाहर ही हूँ, बेटे |


मेसेज सभी ग्रुप्स में शेयर करने की सेवा करें ।

केंद्रीय आपातकालीन मिशन

Standard
Darshan

Asaramji Bapu Darshan 22nd May 2015


आसाराम बापू दर्शन २२ मई २०१५

Asaram Bapu Darshan 22nd May 2015

पूज्य आसाराम बापूजी के मंगलमय दर्शन – २२ मई 2015

सुबह का समय और मैं मोर्निंग वाक से वापस घर की और लौट रहा था, रास्ते मे एक्का दुक्का लोग थे और मन में कल को हुए वाकये को लेकर उधेड़बुन चल रही थी…

कल मेरे मित्र से कुछ गहन विषयो पर चर्चा हुयी थी और उसी को लेकर…

मन सोचने पर विवश हो गया था की कौनसा तो ऐसा रीज़न रहा होगा की इस भयंकर कलियुग में जन्हा बॉलीवुड / हॉलीवुड़ मीडिया और इन्टरनेट का बोलबाला है, भौतिकतावाद अपनी चरम सीमा पर है वंहा मेरे जैसे व्यापारी, मेरे दोस्त जिनमे से एक इंडस्ट्रियलिस्ट (फ्लाई एश ब्रिक मशीन manufacturer), एक इंजिनियर, एक 12th तक मेरे साथ पढ़ा जो अभी डॉक्टर है,

और एक नासा का scientist (मेरा दोस्त नहीं)  ये सब परमात्मा से मिलने का दुस्साहस भरा सपना संजोये बैठे थे

गुरुकुल मे पढने वाले 10 वर्ष से भी कम आयु के बच्चे, उनसे पूछो की क्या करना है जीवन मे तो कहते है की आत्मा-साक्षात्कार करना है, इस नन्ही सी उम्र में वे जीवनदाता से मुलाकात का निश्चय कर चुके है

सतयुग के समय बड़े बड़े ऋषि मुनि जो ज्ञान पाने की आकांक्षा रखते थे और राजे महाराजे जिस ज्ञान को पाने के लिए घर बार छोड़कर जंगलो मे भटकते फिरते थे वही शुध्ध परमात्मा का ज्ञान हम लोगो को घर बैठे मिल रहा है

मन परमात्मा की असीम अनुकम्पा का स्मरण करके रोमांचित हो आया और मुझे लगा शायद हमारे करोडो जन्मो के पुण्यो से भी जो दिशा और ज्ञान मिल पाना असंभव है वह सदगुरुकृपा से इतना सुलभ हो गया…

परमात्मा इतना नजदीक और सुलभ और प्यारा शायद कभी ना लग पता अगर गुरुदीक्षा न मिली होती

लोग हैरान होते है की क्यों आज भी लोग आसारामजी बापूजी को भगवान् की तरह पूजते है और हम साधक हैरान होते है की क्या लोगो मे इतनी भी विचारशक्ति नहीं बची की एक पढ़े लिखे नौजवान को डाइवर्ट कर देना, इस कदर कि अपने खाली समय मे बनिस्पत सिनेमाघरो की खाक छानने मे वे लगे है मन को जीतकर महान बनने की और… क्या ये सब संभव है इस घोर कलियुग मे  है… एक युवा को दिशा दिखा पाना… बड़े बड़े विचारको के हाथ की बात नहीं है… माहोल के उलट उसे सन्मार्ग पर चलने लिए प्रेरित कर देना हंसी मजाक नहीं है साहिब…

भगवान और भगवान को पाए संतो के अलावा ये कार्य कोई दूसरा कर सके ये असंभव है… और जाने विचारे बिना मीडिया की बातो मे आकर ऐसे संतो के बारे मे अपनी धारणाशक्ति बना लेना अपनी विवेक शक्ति का दुरुपयोग है…

जिन्होंने ऐसे सदगुरुदेव की कृपा पचा ली वे मौन हो गए और जो पचाने की राह में है वे लगे है दूसरो तक अपनी बात पहुँचाने में… आखिर कौन नहीं चाहता सदा के लिए निर्भय होना, निर्दुख होना… और संतो के अलावा सदा के लिए निर्दु:ख और निर्भय कर ही कौन सकता है इस कलिकाल में….

Watch on google plus

 

 

Standard
Darshan

Asaramji Bapu Darshan 16th May 2015


bapu ji Darshan 16th may2015

Asaramji Bapu ke darshan -16th May 2015

 

Asaramji bapu darshan 16 may 2015

Asaramji Bapu ke darshan -16th May 2015

 

पूज्य बापूजी के मंगलमय दर्शन और मीडिया से बातचीत – 16 मई 2015

पूज्य बापूजी : परस्पर भावयन्तु !
सबका भला हो, सबका मंगल हो |
———————————————
पूज्य बापूजी : नारायण ! नारायण !!
मीडिया : बापू, हरि ओम |
पूज्य बापूजी : हरि ओम, लाला हरी ओम |
मीडिया : कैसे हो बापू ?
पूज्य बापूजी : हरि ओम
मीडिया : हरि ओम के अलावा क्या….
पूज्य बापूजी : हरि ओम के अलावा बताऊँ तो तबियत नरम गरम होती रहती है | अवस्था है ना | पुरानी गाडी, पुराना मकान, पुराना शरीर |
बीमारी बहुत भयंकर है, ट्राईजेमिनल न्युरोलोजिया दुनिया में सबसे भयंकर बिमारी है |

कोर्ट में पेशी की अगली तारीख 18 व 25 मई है

Standard