Jail

Asaramji Bapu ke aaj ke darshan 1st January 2015


आज के दर्शन बापूजी

AAJ KE DARSHAN 1ST JANUARY 2015

पूज्य बापूजी तिहाड जेल पहुँचने वाले हैं |
वहाँ से दोपहर में एम्स हॉस्पिटल के लिए रवाना होंगे |

Asaram Bapu Ji had resolution to go in tihar jail


 

आज अंग्रेजी नववर्ष पे एक अजीब बात देखने को मिली
आज आशाराम जी बापू को जोधपुर से दिल्ली एम्स में स्वास्थ्य जाच के लिए लाया गया कल रात कुछ बिकाऊ मीडिया ने ये खबर दिखाई थी की आशाराम बापू को कल जोधपुर पुलिस दिल्ली एम्स लेकर जायेगी और कुछ बिकाऊ मीडिया ने अपनी आदत के अनुसार सुरक्षा मानको की अनदेखी की और ये भी बता दिया की किस ट्रेन से लेकर जाया जाएगा
खबर जैसे ही आशाराम जी बापू के साधको और समर्थको को पता चली तो भारी संख्या में समर्थक और साधक अपने पूज्य गुरुदेव के दर्शनों की इच्छा से रेलवे स्टेशनों पर इकट्ठा होने लगे  | आज सुबह जब आशाराम जी बापू को लेकर ट्रेन पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुची तो समर्थको का हुजूम देखकर पुलिस प्रशाशन के होश उड़ गए और कुछ बिकाऊ मीडिया भी सकते में आ गया |
अब कल तक जो मीडिया आशाराम जी बापू को आशाराम आशाराम कह कर संबोधित करता था आज आशाराम बापू कहते नहीं थक रहा है और जिन समर्थको को गुंडा और असामाजिक तत्त्व बताया जाता था आज मीडिया उन्हें भक्तो के नाम से बुला रहा है|

अब लगता है की जो बिकाऊ मीडिया है उसने  अपने नए साल की शुरुवात अपनी गलतियों को सुधारने को लेकर की है …..

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Satsang

Pearls of the Vedas


asharam bapu - disunion parmatma

1

 

Association with Paramatma (God) leads to union, and
association with the World leads to sense pleasures (disunion).

 

2

 

Desire for happiness, wishing for it and indulging in sense
pleasures – these three are the root causes of all sorrows. 

 

3

 

It is only for giving up desire for happiness that sorrow
comes. 

 

4

 

To consider this body as “me” and “mine” is a grave mistake;
Such errors themselves are death.  

 

5

 

To give importance to the perishable thing is itself
bondage. 

 

6

 

By giving up wanting perishable things, the imperishable
element is attained. 

 

7

 

To establish a relationship with this body and this world is
association with bad company (untruth). 

 

8

 

You are not seeing Bhagavan (God), but He is constantly seeing
you. 

 

9

 

It should happen this way, it should not happen this way – in
this there is all sorrows.   

 

10

 

There is nothing equivalent in one’s progress than purifying
one’s nature.

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Poonam Vrat, Satsang

योग्यताओँ का निखार कैसे हो ?


योग्यताओँ का निखार कैसे हो ?

दिल्ली गुरुपूनम सत्संग ४ जूलाई २००९
01 Hami se hai jamana 26

हमारे शारीरिक व मानसिक आरोग्य का आधार हमारी जीवनशक्ति (Life Energy) है। यह प्राणशक्ति भी कहलाती है।
छात्रों के महान आचार्य पूज्य बापू जी द्वारा सूक्ष्म विश्लेषण
हमारे जीवन जीने के ढंग के अनुसार हमारी जीवनशक्ति का ह्रास या विकास होता है। हमारे प्राचीन ऋषि-मुनियों ने योगदृष्टि से, अंतदृष्टि से और जीवन का सूक्ष्म निरीक्षण करके जीवनशक्ति विषयक गहनतम रहस्य खोज लिये थे। डॉ. डायमंड ने उन मनीषियों की खोज को कुछ हद तक समझने की कोशिश कीः
भाव का अभाव
ईर्ष्या, घृणा, तिरस्कार, भय, कुशंका आदि कुभावों से जीवनशक्ति क्षीण होती है। भगवत्प्रेम, श्रद्धा, विश्वास, हिम्मत और कृतज्ञता जैसे सदभावों से जीवनशक्ति पुष्ट होती है।
किसी प्रश्न के उत्तर में ʹहाँʹ कहने के लिए सिर को आगे-पीछे हिलाने से जीवनशक्ति का विकास होता है। नकारात्मक उत्तर में सिर को दायें-बायें घुमाने से जीवनशक्ति कम होती है।
हँसने और मुस्कराने से जीवनशक्ति बढ़ती है। रोते हुए, उदास, शोकातुर व्यक्ति को या उसके चित्र को देखने से जीवनशक्ति का ह्रास होता है।
ʹहे भगवान ! हे खुदा ! हे मालिक ! हे ईश्वर….ʹ ऐसा अहोभाव से कहते हुए हाथों को आकाश की ओर उठाने से जीवनशक्ति बढ़ती है।
धन्यवाद देने से, धन्यवाद के विचारों से हमारी जीवनशक्ति का विकास होता है। ईश्वर को धन्यवाद देने से अंतःकरण में खूब लाभ होता है।

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Suprachar

Asaramji Bapu – मुँगरा बादशाहपुर में मौन यात्रा


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हरि ॐ प्रभू जी,

यह कार्यक्रम पूज्य बापू के खिलाफ चल रहें षडयंत्र के विरोध में श्री योग वेदान्त सेवा समिति मुँगरा बादशाहपुर, जौनपुर उ.प्र. के साधकों द्वारा निकाली गई मौन यात्रा के चित्र है।

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