De-addiction Day ( नशा-मुक्ति दिवस )
व्यसन की शुरुआत पान या मसाले से होती है, इनसे बचिए। शौक या फैशन के नाम पर अपने घर-परिवार को बरबाद न करें। अपने मन को याद दिलाते रहें कि मुझे देखकर बच्चे भी नशा करना सीखेंगे। इसके धुएं से वे भी कैंसर के शिकार हो सकते हैं। यज्ञ, पर्व या सत्संग में दृढ़ संकल्प करके वहीं पर व्यसन छोड़ दें। अपने व्यसन मुक्ति के दृढ़ संकल्प को अपने मित्रों व संबंध संपर्क में गर्व के साथ घोषित करें। दृढ़ इच्छा शक्ति के नशे के त्याग का संकल्प लें व पुन: प्रारंभ करने के बहाने न बनाएं। एक नशा छोड़कर दूसरा नशा न अपनाएं। नित्य एक-एक बीड़ी या सिगरेट कम करते हुए इसे छोड़ सकते हैं। दृढ़ संकल्प के धनी एक ही बार में इसे हमेशा के लिए छोड़ सकते हैं।लाखों लोग नशा छोड़ चुके हैं। आप भी छोड़िए और सात्विक बनिए। जल्दी सुधरे, देर होने पर सुधार की गुंजाइश कम हो जाती है। चाय, काफी आदि से बचें। चाय, कॉफी में जौ कैफीन होता है, वह धूम्रपान की तलब बढ़ाता है।