बिना आरोप सिद्ध हुए आसाराम बापू को इतने समय तक जेल में भेजा गया! हमें मालूम है कि बापूजी जिन्होंने करोड़ों लोगों के मन पर साधना के संस्कार डाले हैं, भटके हुए लोगों को सत्य के मार्ग पर, साधना के मार्ग पर लाया है क्या वे इस प्रकार का घृणित कार्य कर सकते हैं? कदापि नहीं! तो फिर क्यों बार-बार समाचार पत्रों में या टीवी चैनलों पर कुप्रचार किया जा रहा है?’ यह बात सनातन हिन्दू जनजागृति समिति के डॉ. सुरेश गुंजाल ने जंतर-मंतर पर आयोजित एक संत-सम्मेलन में कही ।
आसाराम बापू के खिलाफ टीका-टिप्पणी करनेवाले लोगों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा ‘मैं उन विपक्षी लोगों से पूछना चाहता हूँ, जिन्होंने कभी साधना नहीं की बल्कि जो साधना करते हैं उनको भी साधना के मार्ग से अलग करने की कोशिश कर रहे हो, क्या तुम 200-400 लोगों की भी भीड़ जुटाकर अपने साथ लेकर इतने वर्षों तक चल सकते हो? नहीं। पूज्य आसाराम बापू 6 करोड़ साधकों को इतने वर्षों से साधना करा रहे हैं, क्या यह बगैर साधना के, बगैर संस्कार के, बगैर सत्य के सम्भव है?
दूसरा, बापूजी ने क्या कार्य किये? बच्चों में मूल्य-संवर्धन के लिए, नैतिक शिक्षा के लिए ‘बाल संस्कार केन्द्र’ चलवाये जा रहे हैं ताकि उनमें हमारी संस्कृति में जो बताये हुए साधना के, धर्म के मूल्य हैं उनका संवर्धन हो। तो ऐसे मूल्यों का संवर्धन करनेवाले से द्वेष क्यों?
आसाराम बापू ने धर्मांतरणवालों का विरोध करने के लिए हिन्दुओं को जागृत किया। यह भी संस्कृति-विरोधी टीवी चैनलों या हिन्दू विद्वेषी शासकों को मान्य नहीं था, इसलिए यह षड्यंत्र एवं दुष्प्रचार चल रहा है।’
– डॉ. सुरेश गुंजाल, सनातन हिन्दू जनजागृति समिति


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