क्या आपको पता है 2015 जनवरी माह की ऋषि दर्शन है बहुत ही खास ?
आखिर क्यों है यह इतनी खास ?
आखिर क्या है इस अंक में ?
आइये देख ही लेते है की क्या – क्या है इस अंक में …..
आप भी देखें व Share करने से न चूकें ।
“ऋषि प्रसाद एवं ऋषि दर्शन की सेवा गुरुसेवा, समाज सेवा, राष्ट्र सेवा,
संस्कृति सेवा, विश्व सेवा, अपनी और अपने कुल की भी सेवा है |” – पूज्य बापूजी
“ऋषि प्रसाद एवं ऋषि दर्शन का दैवीकार्य सेवा, पूजा और साधना है |” _
पूज्य बापूजी

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