सूर्य करें है दिन में उजाला, चाँद करें है रात में, जोगी का ज्ञान करें है नित्य उजाला सतत सभी के हृदय में ….
जोगी रे क्या जादू है तुम्हरे प्यार में…..
जोगी रे क्या जादू है तेरे प्यार में… जोगी रे क्या जादू है तुम्हरे ज्ञान में…
सौभाग्य से मिले ये जोगी, सबको धन्य किया है।
शांति, प्रेम और ज्ञान का, अमृत, हमने यहीं पिया है।।
जोगी रे क्या जादू है तुम्हरे जोग में…
दूर भगाकर सारी उदासी, सबको प्रसन्नता देते।
तन-मन पुलकित कर देते, बदले में कुछ नहीं लेते।।
जोगी रे क्या जादू है तुम्हरे प्यार में….
दुर्बलता कायरता मिटाकर, हमको वीर बनाते।
बल के भाव हैं भीतर भरते, हर विपदा को हटाते।।
जोगी रे क्या जादू है तुम्हरे ज्ञान में….
जोगी के दर पे हम आये, भाग्य हमारा जागे।
दर्शन करके इस जोगी के, शोक दुःख सब भागे।।
जोगी रे क्या जादू है तुम्हरे जोग में…..
जब-जब मेरा जोगी झूमे, लगे है सावन आया।
मुरझाये दिल खिल जाते हैं, वसंत जैसे छाया।।
जोगी रे क्या जादू है तुम्हरे प्यार में….
बड़ा सलोना जोगी मेरा, मनभावन और पावन।
जब भी आये लगे है जैसे, खुशियों का हो सावन।।
जोगी रे क्या जादू है तुम्हरे ज्ञान में….
चिंता शोक न तनिक रहे यहाँ, ऐसी आभा इनकी।
शरण जो आये दरस जो पाये, बदली दुनिया उनकी।।
जोगी रे क्या जादू है तुम्हरे जोग में….
जोगी की संगति में आकर, ऊँचा धन है पाया।
कोई इसको छुड़ा न पाये, शाश्वत रंग लगाया।।
जोगी रे क्या जादू है तुम्हरे प्यार में….
सूर्य करे है दिन में उजाला, चाँद करे रातों में।
जोगी ज्ञान का करे उजाला, सतत सभी के दिलों में।।
जोगी रे क्या जादू है तुम्हरे ज्ञान में….
जोगी रे क्या जादू है तुम्हरे प्यार में…..
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