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देश-विदेश में गूँजी पुकार, बंद हो बापूजी पर अत्याचार


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विश्ववंदनीय पूज्य बापूजी को सुनियोजित षड्यंत्र के अंतर्गत फँसाकर जेल में डालने के खिलाफ देश-विदेश में करोड़ों श्रद्धालुओं तथा श्री योग वेदांत सेवा समितियों, युवा सेवा संघों एवं महिला उत्थान मंडलों के साथ विभिन्न धार्मिक, सामाजिक व महिला संगठनों ने रैलियों, धरना-प्रदर्शनों आदि के द्वारा इस षड्यंत्र एवं दुष्प्रचार का शांतिपूर्ण जाहिर विरोध किया ।

भारत देश ही नहीं बल्कि विदेशों के लंदन, बोस्टन, न्यूयॉर्क आदि कई शहरों में भी षड्यंत्र के खिलाफ आवाज उठायी जा रही है । दिल्ली में २३ अगस्त को निकली विशाल रैली में लाखों लोग शामिल हुए और हजारों लोग जंतर-मंतर पर धरने में जा बैठे । निर्दोष पूज्य बापूजी की शीघ्र रिहाई के लिए लाखों महिलाओं एवं भाइयों ने जप-पाठ, हवन व प्रार्थना के साथ कई दिनों तक व्रत, उपवास भी रखा । ४, ५ व ११ सितम्बर को भी दिल्ली में विशाल शांति रैलियाँ निकालकर श्रद्धालुओं ने अपनी भावनाएँ व्यक्त कीं कि एक लड़की की मनग‹ढंत बातें सच्ची या हम करोड़ों साधकों के पवित्र अनुभव सच्चे ?

दिल्ली में ११ व १२ सितम्बर को आयोजित ‘जन-सत्याग्रह व विशाल संत-सम्मेलन’ में देशभर से आये संतों एवं लाखों लोगों ने पूज्य बापूजी के प्रति अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त करते हुए इस षड्यंत्र की भारी निंदा की । जंतर-मंतर पर सतत विरोध-प्रदर्शन अभी भी जारी है । पंजाब में वहाँ के प्रसिद्ध संतों ने बापूजी पर लगे आरोपों तथा षड्यंत्र के विरोध में संत-सम्मेलन कर अपनी आवाज बुलंद की ।

१९ सितम्बर को मुंबई में भी श्री नारायण साँर्इंजी एवं विभिन्न संतों की उपस्थिति में बापूजी के समर्थन में महासम्मेलन हुआ । महाराष्टड्ढ में मुंबई के सायन व बांद्रा, औरंगाबाद, लातूर, अकोला, जलगाँव, खामगाँव जि. बुलढ़ाणा, नागपुर, नांदेड़, नासिक, भुसावल जि. जलगाँव, पुणे, बीड, चांदवड जि. नासिक, प्रकाशा, धुलिया, अमरावती, अहमदनगर, श्रीरामपुर जि. अहमदनगर, कल्याण, उल्हासनगर आदि स्थानों में शांति रैलियाँ निकालकर लाखों साधकों ने अपने दिल की गहरी व्यथा व्यक्त करते हुए सरकार से निर्दोष संत पूज्य बापूजी की रिहाई की माँग की । उस्मानाबाद में विभिन्न धार्मिक संगठनों ने विरोध-प्रदर्शन किया ।

राजस्थान में बीकानेर, अलवर, श्रीगंगानगर, जोधपुर, जयपुर, उदयपुर, बाड़मेर, निवाई जि. टोंक, पीपाड़ सिटी, पाली, भीलवाड़ा आदि तथा उत्तर प्रदेश में बलिया, मेरठ, हाथरस, जौनपुर, अलीगढ़, बरेली, बदायूँ, उझानी जि. बदायूँ, इगलास जि. अलीगढ़, गोरखपुर, झाँसी, लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मुजफ्फरपुर (बिहार) आदि स्थानों पर शांति रैलियाँ, धरना-प्रदर्शन करके लोगों ने मीडिया के भ्रामक कुप्रचार का खंडन करते हुए बापूजी के खिलाफ चल रही साजिश का अंत करने की माँग की ।

मध्य प्रदेश में ग्वालियर, भोपाल, जबलपुर, रतलाम, उज्जैन, महू, छतरपुर, मुलताई जि. बैतूल, सबलगढ़ जि. मुरैना, शिवपुरी, पेटलावद जि. झाबुआ, टीकमगढ़ तथा छत्तीसगढ़ में राजनांदगाँव, कोरबा, रायगढ़, बेमेतरा, धमतरी, बिलासपुर, डोंगरगढ़ जि. राजनांदगाँव, दुर्ग आदि स्थानों पर रैली तथा विरोध-प्रदर्शन हुए । रायपुर में हजारों लोगों ने ८ सितम्बर से अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया हुआ है ।

बीदर, बीजापुर, गुलबर्गा, यादगीर, धारवाड़, बैंगलोर (कर्नाटक) तथा कठुआ, राजौरी (जम्मू-कश्मीर), बोकारो, राँची, गिरिडीह, जमशेदपुर, रामगढ़, गुमला, हजारीबाग (झारखंड), बाँका, दरभंगा, डालटनगंज (बिहार) में बड़ी संख्या में लोगों ने पूज्य बापूजी के विरुद्ध रची गयी साजिश के खिलाफ मौन रैलियाँ निकालकर विरोध जताया । पटना में ५ दिन तक धरना चला तथा बेलगाम (कर्नाटक) में २० से अधिक दिनों तक लगातार धरना चला । पठानकोट, लुधियाना, चंडीगढ़, शाहपुरकंडी जि. पठानकोट, कपूरथला, जालंधर, होशियारपुर, मुकेरियाँ जि. होशियारपुर (पंजाब), भुवनेश्वर, झारसूगुड़ा, बरगड़ (ओड़िशा), फरीदाबाद, जींद, कुरुक्षेत्र (हरियाणा), जहीराबाद जि. मेदक, निजामाबाद, हैदराबाद (आंध्र प्रदेश), नई टिहरी, हरिद्वार, काशीपुर, देहरादून (उत्तराखंड), कोलकाता आदि स्थानों पर शांति रैलियाँ व धरना-प्रदर्शन करके विरोध जताया गया । साथ ही देशभर में संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपा गया ।

जंतर-मंतर, दिल्ली में ११ सितम्बर से प्रारम्भ हुआ ‘जन-सत्याग्रह’ सतत चालू है । यहाँ हजारों की संख्या में विभिन्न सम्प्रदायों व समाज के लोग पूरा दिन जप-पाठ, प्रार्थना करते हैं । २८ सितम्बर को जंतर-मंतर, दिल्ली में श्री सुरेशानंदजी व विभिन्न संतों की उपस्थिति में एवं चंडीगढ़ में श्री नारायण साँर्इंजी एवं विभिन्न संतों की उपस्थिति में पूज्य बापूजी के समर्थन में ‘जन-सत्याग्रह व विशाल संत-सम्मेलन’ का आयोजन हुआ । श्रीरामपुर, जि. अहमदनगर (महा.) में भी २८ सितम्बर को संत-सम्मेलन एवं जन-सत्याग्रह हुआ ।

पूज्य बापूजी पर हो रहे अन्याय-अत्याचार के विरोध में लाखों लोगों ने २९ सितम्बर को पूरे भारत में जगह-जगह विशाल मौन-रैलियाँ निकालीं । इस दिन उदयपुर, जयपुर, जोधपुर, बाड़मेर, निवाई (राजस्थान), नासिक, सोलापुर, उल्हासनगर, नागपुर, भुसावल, मुंबई, आकोट, अमरावती, अकोला, अहमदनगर (महा.), लखनऊ, कानपुर, दिल्ली, जौनपुर (उ.प्र), खरगोन, भोपाल, सागर, दमोह (म.प्र.), रायपुर, धमतरी, दुर्ग, राजनांदगाँव, बिलासपुर, कवर्धा, कोरबा (छ.ग.), चंडीगढ़ (पंजाब), भुवनेश्वर, अनगुल (ओड़िशा), भावनगर, बड़ौदा, राजकोट, सिरोही (गुज.), हरिद्वार (उत्तराखंड), पटना (बिहार), बेलगाम, बीदर, बैंगलोर, बीजापुर (कर्नाटक), जमशेदपुर (झारखंड), जम्मू-कश्मीर, हैदराबाद (आं.प्र.), कोलकाता आदि अनेक स्थानों पर मौन-रैलियाँ निकालकर लोगों ने निर्दोष पूज्य बापूजी पर हो रहे अन्याय को बंद करने तथा उन्हें शीघ्र-से-शीघ्र रिहा करने की माँग की । ३० सितम्बर को जोधपुर में विभिन्न महिला संगठनों एवं हजारों साधक महिलाओं ने पूज्य बापूजी का समर्थन करते हुए संकीर्तन यात्रा निकाली ।

साजिशकर्ताओं और कुप्रचारकों को शर्म आनी चाहिए । न्यायपालिका और सरकार को अपने पद और सत्ता के दुरुपयोग से बचना चाहिए, सदुपयोग करना चाहिए । भगवान सबका मंगल करें, सबको सद्बुद्धि दें । हरि ॐ ॐ… हरि ॐ…

प्यारे सत्यनिष्ठ प्रवक्ता और पाठकों की भगवान मति-गति और बढ़ायें और मंगल हो उनका । देश-विदेश में रैली निकालनेवालों को ईश्वर ने खूब सूझबूझ दी । उन्होंने शांति बनाये रखी, सत्य का पक्ष लिया । सत्य के पक्ष के लिए जो कुछ सहा वह तुम्हारे अंतरात्मा और ईश्वर से छुपा नहीं है । साजिशकर्ताओं की पोल भी समाज के सज्जनों से छुपी नहीं है ।

देश-विदेश में कई भक्तों को पूज्य बापूजी के दर्शन और सत्संग का लाभ मिल रहा है । आश्चर्य को भी आश्चर्य हो । २७ सितम्बर को सागवाड़ा के गोरेश्वर महादेव पुल पर सात लोगों पर पूज्य बापूजी ने टॉर्च मारी, हालचाल पूछा, बातचीत की । वे व्यक्ति शिष्य होते तो आनंदित, आह्लादित होते लेकिन मनचले थे, भागे थाने । बोले : जोधपुर जेल से फरार बापू हमको मिले । और भी कई भक्तों, सज्जनों और संतों को बापूजी का दर्शन हो रहा है ।  इतने सारे सच्चे अनुभव हैं कि स्थानाभाव के कारण उनका यहाँ उल्लेख करना असम्भव है ।

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