स्वास्थय की कुंजियाँ

DAILY ROUTINE


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Sant Shri Asharamji Bapu Satsang Rajim Kumbh Chhattisgarh 28th Feb 2013 (Evening)

Param Pujya Sant Shri Asharamji, endearingly called ‘Bapu’, is a Self-Realized Saint from India. Pujya Bapuji preaches the existence of Param Pujya Sant Shri Asharamji BapuOne Supreme Conscious in every human being; be it Hindu, Muslim, Christian, Sikh or anyone else.
Bapuji represents a Confluence of Bhakti Yoga, Gyan Yoga & Karma Yoga.

परम पूज्य संत श्री आशाराम जी बापू की अमृतवाणी

सत्संग के मुख्य अंश :

* जिस समय जीवनी शक्ति जिस अंग में ज्यादा हो उस समय उस अंग से काम लेने से स्वास्थ्य अच्छा रहता है |
* सुबह ३ से ५ के बीच प्राणायाम हो जाना चाहिये |
* ५ से ७ के बीच घूमना, टहलना और जरूरी शौच का काम हो जाना चाहिये |
* ७ से ९ के बीच कुछ पी लें – दूध, जल्दी पचेगा |
* ९ से ११ के बीच भोजन कर लें |
* ११ से १ के बीच हृदय विकसित होता है, खाना नही खाना चाहिये |
* १ से ३ के बीच खाना नही खाए, पचे हुए खाने का रस शोषित किया जाता है |
* ३ से ५ के बीच पानी पी लें, मूत्राशय में जीवनी शक्ति होती है |
* पत्थरी का ऑपरेशन नहियो कराये | पत्थर चट पौधे के २ पत्ते धो के चबाके खा लें कुछ दिन | पत्थरी खत्म |
* किडनी और कान के रोग ठीक करने हों तो ५ से ७ के बीच भोजन क्र लें |
* ९, ९.१५ थोडा दूध ले सकते हैं अगर लेना चाहें तो |
* ७ से ९ के बीच पढ़े |
* ९-११ मेरु रजु में जीवनी शक्ति, यदि आराम करें तो – सीधे या करवट लेकर सोना चाहिए, विश्राम अच्छा |
* ११-१ के बीच जीवनी शक्ति पित्ताशय में, जागने से पित्त सबंधी रोग, नेत्र सम्बन्धी रोग और हार्ट अटेक |
* १ से ३ के बीच लीवर में जीवनी शक्ति |
* पीलिया हों तो १ चुटकी कच्चे चावल फाँके | ॐ खं (खम) ये मन्त्र जपे |

Bapuji represents a Confluence of Bhakti Yoga, Gyan Yoga & Karma Yoga.

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