Divine Experience

इशांत शर्मा और उनके परिवार के दिव्य अनुभव


इशांत शर्मा और उनके परिवार के दिव्य अनुभव

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हे मित्र ! बार-बार असफल होने पर भी तुम निराश मत हो | अपनी असफलताओं को याद करके हारे हुए जुआरी की तरह बार-बार गिरो मत | निद्रा से उठते समय बिस्तर पर ही बैठे रहो और दृढ़ भावना करो :

“मेरा जीवन प्रकृति की थप्पड़ें खाकर पशुओं की तरह नष्ट करने के लिए नहीं है | मैं अवश्य पुरुषार्थ करूँगा, आगे बढूँगा | हरि ॐ … ॐ … ॐ …

मेरे भीतर परब्रह्म परमात्मा का अनुपम बल है | हरि ॐ … ॐ … ॐ …

तुच्छ एवं विकारी जीवन जीनेवाले व्यक्तियों के प्रभाव से मैं अपनेको विनिर्मुक्त करता जाऊँगा | हरि ॐ … ॐ … ॐ …

 सुबह में इस प्रकार का प्रयोग करने से चमत्कारिक लाभ प्राप्त कर सकते हो | सर्वनियन्ता सर्वेश्वर को कभी प्यार करो … कभी प्रार्थना करो … कभी भाव से, विह्वलता से आर्तनाद करो | वे अन्तर्यामी परमात्मा हमें अवश्य मार्गदर्शन देते हैं | बल-बुद्धि बढ़ाते हैं | साधक तुच्छ विकारी जीवन पर विजयी होता जाता है | ईश्वर का असीम बल तुम्हारे साथ है | निराश मत हो भैया ! हताश मत हो | बार-बार फिसलने पर भी सफल होने की आशा और उत्साह मत छोड़ो |

शाबाश वीर … ! शाबाश … ! हिम्मत करो, हिम्मत करो | ब्रह्मचर्य-सुरक्षा के उपायों को बार-बार पढ़ो, सूक्ष्मता से विचार करो | उन्नति के हर क्षेत्र में तुम आसानी से विजेता हो सकते हो |

करोगे न हिम्मत ?

अति खाना, अति सोना, अति बोलना, अति यात्रा करना, अति मैथुन करना अपनी सुषुप्त योग्यताओं को धराशायी कर देता है, जबकि संयम और पुरुषार्थ सुषुप्त योग्यताओं को जगाकर जगदीश्वर से मुलाकात करा देता है |

 

Divine Experience of Ishant sharma and his family

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बापू के बच्चे नही रहते कच्चे, BALSANSKAR KENDRA, Bhajan

बापू के बच्चे नहीं रहते कच्चे …. क्रिकेटर ईशांत शर्मा


कोई माने या न माने, पर हकीकत यही है कि पूज्य गुरुदेव के सानिध्य में जो एक बार आ जाता है, गुरुदेव उसका उद्धार किये बिना, उसको ऊपर उठाये बिना रहते नहीं हैं और ऐसा ही कुछ हो रहा है भारतीय क्रिकेट टीम के युवा खिलाड़ी ईशांत शर्मा के साथ |

ईशांत और उनका परिवार पूज्य गुरुदेव को मानते हैं, घर पर उनकी पूजा अर्चना करते हैं और समय समय पर करोल बाघ आश्रम जाकर गुरुदेव द्वारा स्थापित बाद दादा की परिक्रमा भी करते हैं | इसलिए कहते हैं कि बापू के बच्चे नहीं रहते कच्चे, और इस बात क जीता जागता प्रमाण हमारे सामने है |

 

ईशांत शर्मा

आज ईशांत शर्मा है जो खेल की दुनिया में महारत हासिल कर रहे हैं, कभी कोई शिक्षा के क्षेत्र में सफलता का परचम लहराता है तो कभी कोई इंजीनियरिंग के क्षेत्र में तो कभी देश विदेश में अपने नाम का डंका बजाकर आ जाता है |

इतने भीषण कुप्रचार के बाद ये दुनिया ये ज़माना चाहे कुछ भी सोचे, पर पूज्य गुरुदेव को जिसने दिल से माना, उन्हें अपनाया, उनकी पूजा की, वो आज ऐसे माहौल में भी अपने को सुरक्षित रख पाने में कामयाब हो रहे हैं और सफलता की सीढियां चढ़ते जा रहे हैं, और यही तो हमारे बापूजी का सपना है कि उनके बच्चे आगे आयें और फिर अपने कदम वापिस न लौटाएं ……..

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