Sant, tatvik

अलमस्त, अचाह, महाशहंशाह


bapu2

“”करोड़ों-करोड़ों भक्तों की आस्था को कोई हिला न सका !
मजाल है किसीकी हिमालय पर्वत को कोई गिरा सका !!
लाखों चले आंधियाँ, हजारों आये तूफ़ान ! लेकिन !
बापूजी के बच्चों को सुपथ से कोई डिगा न सका !!””

सुप्रचार की आंधी से नक्शा बदल देंगे ।
भारत के लोकतंत्र का तख्ता बदल देंगे ।।
पासा फेका है आपने । शुरुवात की है आपने ।
बापू के बच्चे लोकतंत्र क्या पूरी दुनिया बदल देंगे ।।

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