प्रतीवर्ष की नाई इस वर्ष चतुर्मास में 108 दिन तक श्री आशारामायण पाठ का 16/10/2014 को समापन हूआ| पूज्य श्री गुरुदेव के रिहाई के लिए हवन किया गया| श्री योगवेदान्त सेवा समिति की महीला मंण्डल द्वारा कोटा रायपुर(छ.ग) में भंण्डारा हुवा|
Press Coverage – Daily Early Post – State Times News




क्या आपको पता है ऐसे 45 हजार से भी ज्यादा गरीब आदिवासी परिवार हैं जिन्हें संत आशारामजी बापू आश्रम और उनके श्री योग वेदांत सेवा समितियाँ पालती हैं ।
ऐसे लोग जिनके घर में कोई कमाने वाला नहीं है !
ऐसे बुजुर्ग जिनके कोई औलाद नहीं है !
ऐसे परिवार जिन्हें 3-3 दिन भूखे रहना पडता था !
ऐसी स्त्रीयाँ जिनके पास तन ढकने को कपडे तक नहीं थे !
ये कहीं और की नहीं, अपने भारत की बात है | ऐसे बुजुर्गों, बेसहारा, भूखे, अपंग, बेरोजगार परिवारों को संत आशारामजी बापू आश्रम और योग वेदांत सेवा सिमतियों द्वारा मुफ्त राशनकार्ड इश्यु किये गये और उन्हें हर माह जाकर निःशुल्क, महीने भर का राशन, दालें, चावल, आटा, खाने का तेल, साबुन (नहाने और कपडा धोने के), चप्पल, जूते, कपडे, बांटे जाते हैं | ये सारी सेवाएँ निःशुल्क उनके घरों तक पहुँचाई जाती हैं । इतना ही नहीं, जिन परिवारों के बच्चे स्कूल नहीं जाते उनके पढने की भी व्यवस्था की है संत आशारामजी बापू और उनकी समितियों ने ………………
पर क्या कभी ये जानने का भी प्रयास किया हमारे मिडिया के पत्रकारों ने औरउनके संपादको ने !!
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